राघवेद के बारे में सवाल
क्लिनिक में राघवेद कैसे काम करता है, डॉक्टर के लिए और मरीज़ के लिए।
आपात स्थिति के लिए नहीं। आपात स्थिति में अभी 112 पर कॉल करें या नज़दीकी इमरजेंसी विभाग जाएँ।
मेरे क्लिनिक में राघवेद क्या करता है?
मरीज़ों के इंतज़ार के दौरान यह उनका इतिहास लेता है। हर मरीज़ अपने फ़ोन पर जवाब देता है, और उनके अंदर आने से पहले आपको एक पन्ने का ब्रीफ़ मिलता है: मुख्य परेशानी, शुरुआत, इतिहास, चल रही दवाएँ, एलर्जी और चेतावनी संकेत। ब्रीफ़ के नीचे मरीज़ के अपने शब्द रहते हैं, ताकि आप देख सकें कि हर बात कहाँ से आई।
क्या AI बीमारी बताता है या दवाई लिखता है?
नहीं। राघवेद AI सवाल पूछता है और आपके लिए नोट लिखता है, और इससे गलती हो सकती है। हर बीमारी का फ़ैसला और हर पर्चा क्लिनिक के डॉक्टर ही लिखते हैं, जो मरीज़ को ख़ुद देखते हैं।
मरीज़ शुरू कैसे करते हैं?
वे रिसेप्शन पर आपके क्लिनिक का QR अपने फ़ोन से स्कैन करते हैं। न कुछ डाउनलोड करना है, न काउंटर पर कोई फ़ॉर्म भरना है। वे टोकन ले सकते हैं, पहुँचकर चेक-इन कर सकते हैं और देख सकते हैं कि उनसे आगे कितने लोग हैं।
यह किन भाषाओं में चलता है?
हिंदी और अंग्रेज़ी में। मरीज़ बोलकर या लिखकर जवाब दे सकते हैं, और शरीर के नक्शे पर दिखा सकते हैं कि दर्द कहाँ है।
अगर मरीज़ की हालत ज़्यादा ख़राब हो तो?
चेतावनी का लक्षण वजह के साथ आपके वेटिंग रूम में मरीज़ की पंक्ति पर चिह्नित रहता है; पहले किसे बुलाना है, यह आप तय करते हैं। राघवेद इमरजेंसी के लिए नहीं है: मरीज़ों को 112 पर कॉल करने या सबसे पास के इमरजेंसी विभाग जाने को कहा जाता है।
मेरे साइन करने के बाद क्या होता है?
आपके साइन करते ही प्रिस्क्रिप्शन और आपकी सलाह मरीज़ के फ़ोन पर पहुँच जाती है, हर दवा के रिमाइंडर के साथ। दिखाने के बाद 7 दिन तक मरीज़ उसी बारे में आपको मैसेज कर सकते हैं; ये मैसेज जल्दी वाली बात के लिए नहीं हैं।
मरीज़ का स्वास्थ्य डेटा कौन पढ़ सकता है?
केवल मरीज़ और उनके लिए तय डॉक्टर। डेटाबेस के एक्सेस नियम यही लागू करते हैं।
मैं अपने क्लिनिक में इसे कैसे शुरू करूँ?
डॉक्टर का एक्सेस राघवेद टीम सेट करती है। रिसेप्शन पर एक QR काफ़ी है; हम आपके साथ आपका क्लिनिक सेट करते हैं।
मरीज़ को अपना पर्चा कहाँ मिलता है?
अपने फ़ोन पर। डॉक्टर का साइन किया हुआ पर्चा वहीं रहता है, हर दवा के रिमाइंडर के साथ, और अगली विज़िट वहीं से शुरू होती है जहाँ यह ख़त्म हुई।

